रिपोर्ट – जय शंकर पांडे


जगदलपुर, 7 जुलाई 2026/ बस्तर जिले के श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शिता और सुगमता से पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कलेक्टोरेट के प्रेरणा बैठक हॉल में सोमवार को श्रम विभाग द्वारा एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के 82 कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों ने हिस्सा लिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों की आधार-आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया को गति देना और इसे तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना है।


इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र के दौरान विभागीय अधिकारियों ने सीएससी संचालकों को ई-केवाईसी से जुड़े तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। इसके अंतर्गत आधार-आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया, ऑनलाइन पंजीयन के दौरान आवश्यक दस्तावेजों की सही जांच और पोर्टल पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के त्वरित निवारण जैसे विषयों पर गहन मार्गदर्शन दिया गया।

अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधार-आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और लक्षित हितग्राहियों तक पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचेगा।


इस अवसर पर श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई और सीएससी संचालकों से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। संचालकों से यह अपेक्षा की गई है कि वे ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में रहने वाले श्रमिकों को इन योजनाओं के प्रति जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों का पंजीयन और ई-केवाईसी सुनिश्चित किया जा सके। इस अभियान का अंतिम लक्ष्य बस्तर के अंतिम छोर पर बैठे श्रमिक तक सरकार की कल्याणकारी नीतियों का सीधा फायदा पहुंचाना और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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