रिपोर्ट – जय शंकर पांडे



जगदलपुर, 7 जुलाई 2026 / अपने सिर पर पक्की छत होना हर परिवार का सपना होता है। बस्तर जिले के विकासखंड तोकापाल के ग्राम पंचायत सिंगनपुर की रहने वाली 52 वर्षीय सोमारी बाई (पति रिठु राम) के लिए यह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से साकार हुआ है। कभी कच्ची झोपड़ी में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला उनका परिवार आज एक सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्के घर में सम्मान के साथ रह रहा है।

अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंध रखने वाली सोमारी बाई का पांच सदस्यीय परिवार वर्षों तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात में टपकती छत, गर्मी और सर्दी की मार के साथ हर वर्ष मकान की मरम्मत का अतिरिक्त खर्च उनके लिए बड़ी परेशानी थी। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें तीन किश्तों में 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इस राशि से उन्होंने 27 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अपना पक्का मकान तैयार किया।सोमारी बाई के घर को विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से ‘पूर्ण घर’ के रूप में विकसित किया गया। जल जीवन मिशन के तहत नल से स्वच्छ पेयजल की सुविधा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का निर्माण कराया गया। वहीं, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से मकान निर्माण के लिए 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान भी किया गया, जिससे परिवार को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिला।

नए पक्के घर ने सोमारी बाई के परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अब उन्हें हर वर्ष मकान की मरम्मत पर खर्च नहीं करना पड़ता, जिससे होने वाली बचत का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक कार्यों में कर पा रहे हैं। सुरक्षित आवास मिलने से परिवार को मौसम की मार और बीमारियों से भी राहत मिली है, साथ ही सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।अपनी खुशी साझा करते हुए सोमारी बाई ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनके परिवार का वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। उन्होंने सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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