रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

30 जुलाई 2026, भानुप्रतापपुर। सरस्वती शिशु मंदिर भानुप्रतापपुर में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य थानूराम सिन्हा ने दीप प्रज्वलन एवं दीप वंदना कर किया।
गुरु-शिष्य परंपरा पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आचार्य सियाराम यादव ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता, संस्कार और सही मार्गदर्शन के लिए गुरु का आशीर्वाद अत्यंत आवश्यक है। गुरु ही शिष्य को सही दिशा देकर उसके व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।
वहीं मुख्य वक्ता चंद्रकांत सिन्हा ने कहा कि गुरु और शिष्य के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का संबंध ही समाज में श्रेष्ठ संस्कारों की नींव रखता है। गुरु अपने शिष्य को हर परिस्थिति का सामना करने योग्य बनाते हैं।
गुरु दक्षिणा अर्पित कर लिया संकल्प
प्राचार्य थानूराम सिन्हा ने कहा कि जिस प्रकार किसी स्थान तक पहुंचने के लिए साधन आवश्यक होता है, उसी प्रकार जीवन को सार्थक दिशा देने के लिए गुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य है। इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों एवं आचार्य परिवार ने गुरु स्वरूप भगवा ध्वज को प्रणाम कर श्रद्धानुसार गुरु दक्षिणा अर्पित की तथा ध्वज के प्रति निष्ठा, समर्पण और सेवा का संकल्प लिया।
कथा और कविता से दी प्रेरणा
कार्यक्रम में कक्षा 11वीं के छात्र नवदीप सिन्हा ने गुरु द्रोणाचार्य और एकलव्य की प्रेरक कथा प्रस्तुत कर गुरु के प्रति शिष्य के समर्पण का संदेश दिया। छात्रा प्रतिभा सलाम ने गुरु महिमा पर आधारित भावपूर्ण कविता का पाठ किया।
इसके पश्चात ध्वजारोहण, पूजा-अर्चना एवं संघ प्रार्थना का आयोजन किया गया। अंत में सभी विद्यार्थियों को प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
उपस्थित रहे
इस अवसर पर शकुंतला सिंह, भावना सिंह, प्रियंका चौहान, ईशा सलाम, पूनम यादव, सरला साहू, सत्या पटेल, रश्मि साहू, नरोत्तम मंडावी, मनमोहन साहू, तारा सिन्हा सहित विद्यालय के समस्त आचार्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।