रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

रामपाल मंदिर का धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व : कुमार जयदेव

18 अगस्त 2026, जगदलपुर। सावन के तृतीय सोमवार के पावन अवसर पर श्री श्री लिंगेश्वर महादेव मंदिर सेवा समिति, रामपाल के नेतृत्व में महादेव घाट, जगदलपुर से कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़ियों ने महादेव घाट से पवित्र जल लेकर प्राचीन लिंगेश्वर महादेव रामपाल मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। लगभग 15 किलोमीटर की इस धार्मिक पदयात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। महादेव घाट में विधिवत जलपूजन एवं भगवान शिव की आराधना के पश्चात कांवड़ियों ने हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के साथ रामपाल मंदिर की ओर प्रस्थान किया।



इस अवसर पर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज के संरक्षक कुमार जयदेव भी महादेव घाट में आयोजित पूजन में शामिल हुए और कांवड़ियों के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना की। उन्होंने कहा कि रामपाल स्थित प्राचीन लिंगेश्वर महादेव मंदिर बस्तर की धार्मिक एवं ऐतिहासिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है।

लोकमान्यता है कि भगवान श्रीराम अपने वनवास काल के दौरान बस्तर के इस क्षेत्र से होकर गुजरे थे और इसी दौरान यहां शिवलिंग की स्थापना की गई थी। बस्तर में विभिन्न राजवंशों के शासनकाल के दौरान नलवंशी शासकों द्वारा मंदिर का निर्माण एवं विकास कराया गया। मंदिर की प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व आज भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। मंदिर परिसर में मौजूद प्राचीन घंटी भी यहां के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती है। स्थानीय परंपरा के अनुसार यह घंटी 1806 में एक अंग्रेज अधिकारी द्वारा मंदिर में भेंट की गई थी। यह घंटी भी मंदिर के प्रति उस समय व्यक्त की गई धार्मिक आस्था एवं सम्मान का महत्वपूर्ण प्रमाण मानी जाती है।

रामपाल कांवड़ यात्रा में बस्तर सांसद महेश कश्यप भी शिवभक्तों के साथ महादेव घाट से प्राचीन लिंगेश्वर रामपाल मंदिर तक पदयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान सांसद श्री कश्यप ने कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं की सेवा करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। सांसद श्री कश्यप ने अपने निवास के समक्ष कांवड़ यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया। श्रद्धालुओं के अभिनंदन के लिए जेसीबी के माध्यम से पुष्पवर्षा की गई, जिससे कांवड़ियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सांसद ने शिवभक्तों का स्वागत करते हुए उनकी धार्मिक यात्रा के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

जगदलपुर नगर के महापौर संजय पांडे भी गोरिया बहार नाला के समीप पहुंचे, जहां उन्होंने रामपाल मंदिर की ओर जा रहे कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कांवड़ियों के चरण धोकर विधिवत पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। महापौर के इस आत्मीय स्वागत से कांवड़ियों में भी उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली।

रामपाल मंदिर के मुख्य पुजारी कैलाश ठाकुर ने कहा कि सावन के तृतीय सोमवार पर महादेव घाट से रामपाल तक निकली कांवड़ यात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय रहा। उन्होंने कांवड़ियों, श्रद्धालुओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं मंदिर सेवकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, श्रद्धापूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुई।

शिवभक्तों ने महादेव घाट से पवित्र जल लेकर लगभग 16 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी की और रामपाल पहुंचकर प्राचीन लिंगेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि, शांति एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

यात्रा के पूरे मार्ग में विभिन्न समाजों, संगठनों एवं समितियों द्वारा कांवड़ियों के लिए पुष्पवर्षा, शीतल पेय, स्वल्पाहार एवं सेवा-सुविधाओं की व्यवस्था की गई। जगह-जगह शिवभक्तों का आत्मीय स्वागत किया गया।

इस अवसर पर श्री श्री लिंगेश्वर मंदिर सेवा समिति रामपाल के मुख्य पुजारी कैलाश ठाकुर,अध्यक्ष महादेव बघेल,जिला पंचायत सदस्य बिंदु साहू,जनपद अध्यक्ष पदलाम नाग,कोषाध्यक्ष मोहन सेठिया,हरिलाल साहू,अर्जुन सेठिया,पुरुषोत्तम कश्यप,आंतोराम पुजारी,मुन्ना कोरी,रोहन कुमार, होमेश राठौर,शेखर देवांगन, बनसिंग ठाकुर, सुमन सिरहा, जगन्नाथ नाग, कंवल ठाकुर, महेश ठाकुर,देवेंद्र कश्यप,जशवंत जोशी,रमेश नायडू,तमिश नायडू,इन्द्र टेमरे,सहित मंदिर समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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