रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

नेशनल हाईवे केशकाल घाट,कोंडागांव-नारायणपुर और दरभा घाट सड़क की दयनीय स्थिति पर सांसद व विधायक दे जवाब

36 करोड़ से दरभा घाट कायाकल्प के दावे निकले खोखले,3 साल की भाजपा सरकार का धरातल पर काम”जीरो”

RSS से जुड़ी महिला अधिकारी को प्रभार देकर भाजपा नेताओं के संरक्षण में चल रहा भारी भ्रष्टाचार का खेल

 18 अगस्त 2026, जगदलपुर।आज संभाग मुख्यालय राजीव भवन जगदलपुर में आयोजित महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने राज्य की भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोलते कहा कि पूरे बस्तर संभाग में सड़कों की हालत अत्यंत बदहाल और दयनीय हो चुकी है। भाजपा सरकार केवल बड़े-बड़े दावे करने और झूठी वाहवाही लूटने में व्यस्त है, जबकि धरातल पर उसका काम पूरी तरह “जीरो” साबित हुआ है।भाजपा सरकार को सत्ता में आए लगभग तीन वर्ष हो चुके हैं, लेकिन बस्तर की सड़कों की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है।सरकार बड़े-बड़े दावे करने और अपनी वाहवाही लूटने में व्यस्त है, जबकि जनता को जर्जर सड़कों, धूल, गड्ढों और आवागमन की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सुशील मौर्य ने कहा कि नेशनल हाईवे के केशकाल घाट, कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग और दरभा घाट की सड़कें क्षेत्र की महत्वपूर्ण जीवन रेखाएं हैं। इन मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की दयनीय स्थिति के कारण आम जनता, यात्री, व्यापारी और वाहन चालक परेशान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार विकास और बेहतर सड़क व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करती है तो इन प्रमुख मार्गों की बदहाली आखिर क्यों दूर नहीं हो रही है?उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को आरोप-प्रत्यारोप से बचकर सड़कों की वास्तविक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करना चाहिए और जनता को बताना चाहिए कि केशकाल घाट, कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग तथा दरभा घाट के लिए अब तक क्या कार्य हुआ है और आगे की कार्ययोजना क्या है।

सुशील मौर्य ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बस्तर की जीवनरेखा कही जाने वाली सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।दरभा घाट कायाकल्प का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो चुका है स्थानीय विधायक किरण देव बड़े-बड़े मंचों से घोषणा करते हैं कि 36 करोड़ रुपये की लागत से दरभा घाट का कायाकल्प किया जाएगा,लेकिन आज तक उस पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हो सका। बस्तर सांसद महेश कश्यप बेहतर सड़क निर्माण की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि नेशनल हाईवे केशकाल घाट,कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग और दरभा घाट सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे नज़र आते हैं।जनता यह जानना चाहती है कि घोषणाओं और दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर काम की गति इतनी धीमी क्यों है? तीन वर्ष से सत्ता में बैठी भाजपा सरकार के कार्यों का वास्तविक मूल्यांकन किया जाए तो धरातल पर स्थिति जीरो बट्टे जीरो बनी हुई है और जनता रोजाना इन जर्जर घाटियों और बदहाल रास्तों पर अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर है।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे कहा “इन सभी महत्वपूर्ण सड़कों का काम अटका होने और कायाकल्प न होने का मुख्य कारण RSS से जुड़ी महिला प्रज्ञा नंद अधिकारी को पूरी कार्यप्रणाली का प्रभार सौंपा जाना है।भाजपा नेताओं के संरक्षण में बस्तर में लोक निर्माण और निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम चल रहा है।जनहित के पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है और ठेकेदारों-नेताओं की मिलीभगत से जनता को गड्डों में धकेला जा रहा है।”
सुशील मौर्य ने आगे कहा कि NH-30, NH-63, कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग, 130-D तथा सेतु निर्माण शाखा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का प्रभार RSS से जुड़ी एक ही अधिकारी के पास होना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि विभाग में अनेक अनुभवी और योग्य काबिल अधिकारी उपलब्ध हैं, बावजूद इसके उन्हें अटैच कर उक्त अधिकारी को लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपना आखिर किस विशेष कृपा का परिणाम है आखिर मंशा क्या है.?केवल वैचारिक प्रतिबद्धता और संघ (RSS) से जुड़ी पृष्ठभूमि के आधार पर एक चहेते अधिकारी को एक साथ दर्जनों महत्वपूर्ण प्रभार सौंपकर उस पर अनुचित “मेहरबानी” बरसाई जा रही है। बस्तर की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर प्रशासनिक नियमों और वरिष्ठता को दरकिनार कर इस प्रकार का एकछत्र प्रभार देने का क्या तुक है? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व स्थानीय विधायक किरण देव और बस्तर सांसद महेश कश्यप को सार्वजनिक रूप से इस प्रशासनिक अराजकता का जवाब देना चाहिए।

क्या बस्तर के विकास और सड़कों की गुणवत्ता से ज्यादा जरूरी संघ से जुड़ी निष्ठाओं को फायदा पहुंचाना है
      मौर्य ने आगे कहा कांग्रेस पार्टी ऐसे उन तमाम विभागों और अधिकारियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है,जो प्रशासनिक पद का दुरुपयोग कर सत्ताधारी दल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दबाव या शह पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसी सभी विवादित और संदेहास्पद फाइलों को पुनः खोलकर उनकी निष्पक्ष व विस्तृत जांच कराई जाएगी।यदि जांच में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की भ्रष्टाचार एवं पद के दुरुपयोग में संलिप्तता प्रमाणित होती है,तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कांग्रेस पार्टी उन्हें सीधे जेल भेजने का कार्य करेगी।
          शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे कहा कि यदि शीघ्र ही नेशनल हाईवे केशकाल घाट, कोंडागांव-नारायणपुर मार्ग और दरभा घाट की सड़कों का निर्माण व मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर शुरू नहीं किया गया,तो कांग्रेस पार्टी आगामी दिनों में जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी,ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यापानी, महामंत्री अभिषेक नायडू,महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद,अनुराग महतो, नीतीश शर्मा,कोषाध्यक्ष रविशंकर तिवारी,विजय प्रकाश दास,शादाब अहमद,एस नीला, गुरमीत कौर आदि मौजूद रहे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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