रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर , 25.08.2026 / छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत आज दिनाँक 25.08.26 को बस्तर पुलिस द्वारा स्वर्गीय बलिराम कश्यप स्मृती शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय डिमरापाल, जगदलपुर, में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया ।   कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक जगदलपुर शलभ कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  सुखनंदन राठौर एवं एसडीओपी  लक्ष्मण पोटाई, अधिष्ठाता  डॉक्टर प्रदीप बेक एवं संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू की उपस्थिति में विद्यार्थियों एवं आमजनों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी दी गई तथा साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए गए।



कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय शलभ कुमार सिन्हा सर द्वारा बताया गया किसाइबर जनजागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक एवं सतर्क करना है। आज के इस डिजिटल युग में लगभग सभी आवश्यक कार्य मोबाइल एवं इंटरनेट के माध्यम से किए जा रहे हैं। ऐसे में हमारी थोड़ी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर साइबर अपराधी हमारे मोबाइल, बैंक खाते, सोशल मीडिया अकाउंट तथा व्यक्तिगत जानकारी को नुकसान पहुँचा सकते हैं।



उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय जागरूक एवं सतर्क रहना है। साइबर अपराधी अक्सर लोगों की छोटी-सी गलती का फायदा उठाकर उन्हें ठगी का शिकार बनाते हैं। उदाहरण के लिए, OTP साझा करवाकर, फर्जी लिंक भेजकर अथवा अन्य तरीकों से लोगों की निजी एवं वित्तीय जानकारी प्राप्त कर साइबर फ्रॉड किया जाता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहना आवश्यक है।



इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान  चलाया जा रहा है, ताकि आमजन जागरूक रहें, सतर्क रहें और सुरक्षित रहें,  तथा स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।



इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुखनंदन राठौर सर द्वारा भी लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए “POLICE” शब्द के माध्यम से महत्वपूर्ण सावधानियाँ बताई गईं—

P – Password: अपना पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
O – OTP: OTP कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
L – Link: किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
I – Identity: अपनी व्यक्तिगत पहचान एवं निजी जानकारी को हमेशा सुरक्षित रखें।
C – Chat:अनजान लोगों के साथ सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर चैट करते समय सावधानी बरतें।
E – Emergency: साइबर अपराध या ठगी होने की स्थिति में तत्काल 1930पर कॉल करें और घटना की सूचना दें।

अधिकारियों द्वारा अपील की गई कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें तथा अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। सतर्कता, जागरूकता और सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।

कार्यक्रम में साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों जैसे फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, फर्जी प्रोफाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी लिंक के संबंध में जानकारी देते हुए लोगों से सतर्क एवं जागरूक रहने की अपील की गई।

विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को OTP, UPI PIN, ATM PIN, पासवर्ड एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की समझाइश दी गई।

साइबर अपराध अथवा ऑनलाइन वित्तीय ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने तथा cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें — साइबर अपराध से बचें।”

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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