रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

ब्लैक स्पॉट्स प्रबंधन पर विस्तृत रणनीति तैयार
जगदलपुर, 25 अगस्त 2026/ जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम सहित जगदलपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्टोरेट स्थित आस्था हॉल में ‘सांसद सड़क सुरक्षा समिति’ की बैठक आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष एवं स्थानीय सांसद महेश कश्यप की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विशेषकर ग्रामीण अंचलों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर विस्तृत चर्चा हुई। सांसद श्री महेश कश्यप ने जोर देकर कहा कि गांव-गांव तक लोगों की सोच और आदतों में बदलाव लाना होगा। इसके तहत ग्राम स्तर पर कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों को हेलमेट पहनने, वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और वाहन बीमा अपडेट रखने के प्रति सचेत किया जा सके। सड़क सुरक्षा सप्ताह और जागरूकता अभियानों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर बिना लाइसेंस व बिना बीमा चल रहे वाहनों के दस्तावेज तैयार कराने के लिए प्रेरित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही ग्राम पंचायतों व हाट-बाजारों के समीप हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर समझाइश देने और नेशनल हाईवे से लगे गांवों में आवारा मवेशियों के सींगों पर रेडियम पट्टी लगाने का सुझाव भी रखा गया ताकि रात के समय ग्रामीण मार्गों पर मवेशियों से टकराकर होने वाले हादसों को रोका जा सके।
इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों और शैक्षणिक संस्थानों में भी जागरूकता अभियान को गति दी जाएगी। शिक्षा विभाग और यातायात पुलिस को समन्वय बनाकर स्कूल-कॉलेजों में नियमित जागरूकता सत्र आयोजित करने को कहा गया। पालक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से अभिभावकों को समझाइश दी जाएगी कि वे नाबालिग बच्चों को तेज रफ्तार दोपहिया व चारपहिया वाहन कतई न सौंपें।
शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार को लेकर भी बैठक में कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य मार्गों पर ऑटो व टैक्सियों के बेतरतीब खड़े होने से लगने वाले जाम को दूर करने के लिए व्यवस्थित स्टैंड तय करने, दुकानों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने तथा सड़कों के किनारे लावारिस व मरम्मत के लिए खड़ी पुरानी गाड़ियों को जब्त करने के सख्त निर्देश दिए गए।
आगामी बस्तर दशहरा और त्योहारी सीजन के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए पुराने बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट, चांदनी चैक और संजय मार्केट के समीप रिक्त स्थानों को पार्किंग के रूप में विकसित करने और रूट डायवर्जन योजना लागू करने पर सहमति बनी। शहर की सड़कों पर स्पष्ट लेन मार्किंग, प्रमुख चैराहों पर ट्रैफिक सिग्नल व इलेक्ट्रॉनिक एलईडी संदेश बोर्ड लगाने तथा मारेंगा बाईपास व आड़ावाल मोड़ पर भारी वाहनों के लिए स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि रायपुर व विशाखापट्टनम जाने वाले भारी वाहन शहर के भीतर प्रवेश न करें।
बैठक में दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि दोपहिया वाहनों की तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाना हादसों का मुख्य कारण है। इसे मद्देनजर रखते हुए लापरवाह और नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नियमित चालानी व लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा आमागुड़ा चैक, पुराना पुल-आसना मार्ग, गीदम रोड और पण्डरीपानी सहित सभी चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स पर रंबल स्ट्रिप्स, कैट्स आई, रेडियम संकेतक लगाने, झाड़ियों की छंटाई करने तथा शहर की सीमा से डिमरापाल मेडिकल कॉलेज तक व दुर्घटना संभावित डार्क पैचेस पर स्ट्रीट व सोलर लाइट्स लगाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में सांसद महेश कश्यप और कलेक्टर आकाश छिकारा ने राष्ट्रीय राजमार्ग और संबंधित तकनीकी निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि बैठक में तय की गई सभी सुधारात्मक कार्ययोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारा जाए, ताकि पूरे जिले में सुरक्षित, अनुशासित और सुगम यातायात सुनिश्चित हो सके। बैठक में अपर कलेक्टर सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डीसी बंजारे सहित राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, परिवहन, शिक्षा और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।