रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 04 सितम्बर 2026/ अपने अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण और घने जंगलों से घिरे बस्तर अंचल में ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का सपना अब हकीकत का रूप ले चुका है। ग्राम पंचायत परचनपाल में महतारी सदन योजना के तहत 30 लाख रुपये की लागत से एक सर्वसुविधायुक्त ‘महतारी सदन’ तैयार हो गया है।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, जगदलपुर की देखरेख में आकार ले चुका यह भवन केवल ईंट और गारे का ढांचा नहीं, बल्कि गांव की महिलाओं के स्वावलंबन, सम्मान और आर्थिक आजादी का नया आयाम बनने जा रहा है। करीब 233 वर्गमीटर के विस्तृत परिसर में तैयार इस केंद्र में महिला समूहों के हुनर को सीधा बाजार देने की खास व्यवस्था की गई है। गांव की महिलाएं अपने हाथों से बनाए उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकें, इसके लिए भवन के मुख्य द्वार पर ही एक समर्पित ‘दुकान’ बनाई गई है।
भीतर कदम रखते ही 10 गुणा 6 मीटर का खुला और हवादार सभा कक्ष नजर आता है, जहां महिलाएं मिलकर अपने समूह की योजनाएं बुनेंगी, प्रशिक्षण लेंगी और अपनी आवाज को मजबूती देंगी। इसके साथ ही एक सुव्यवस्थित कार्यालय, किचन, स्टोर रूम, स्वच्छ नल-जल व्यवस्था और स्वच्छ भारत मिशन के सहयोग से बना आधुनिक सामुदायिक शौचालय ब्लॉक इसे पूरी तरह आत्मनिर्भर परिसर बनाता है।
इस नवीन इमारत की दीवारों पर लिखे प्रेरणादायी स्लोगन—”सशक्त महिलाएं, सशक्त समाज का आधार है” और “नारी शक्ति राष्ट्र शक्ति”—यहां आने वाली हर महिला में एक नया आत्मविश्वास जगाते हैं। जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग और सुरक्षित चारदीवारी से लैस यह भवन अब पूरी तरह सज-धज कर तैयार है।
परचनपाल का यह महतारी सदन आने वाले दिनों में बस्तर की महिलाओं को घर की चौखट से निकालकर आर्थिक तरक्की और नेतृत्व की नई बुलंदी तक पहुंचाने का एक मजबूत जरिया साबित होगा।