
विकसित भारत और राष्ट्र सेवा के संकल्प पर जोर
जगदलपुर, 6 अक्टूबर 2026/ कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के सभागार में सोमवार को नमो सेवा अनकही कहानियां नाट्य मंचन का गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित बस्तर सांसद महेश कश्यप ने जनसमूह और युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी जीवन, उनके संघर्षों और देश के नवनिर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सांसद श्री कश्यप ने अपने वक्तव्य में कहा कि एक सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर देश के प्रधान सेवक के पद तक पहुँचना राष्ट्र सेवा, त्याग और अटूट समर्पण का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व संभालने के बाद कच्छ भूकंप की त्रासदी से राज्य को उबारने, सरदार सरोवर बांध परियोजना को पूर्ण कराने और 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण जैसे ऐतिहासिक मील के पत्थरों का स्मरण कराया।
इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री जनधन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 60 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोलकर भ्रष्टाचार और बिचैलियों की व्यवस्था को समाप्त किया गया। आज किसान सम्मान निधि, महतारी वंदन योजना और छात्रों की छात्रवृत्तियों का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में बिना किसी कटौती के पहुंच रहा है। जनहितैषी योजनाओं की निरंतरता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि 13 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण, 15 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन और 4 करोड़ से अधिक पक्के प्रधानमंत्री आवास गरीबों के सम्मान व सशक्तिकरण का आधार बने हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति के क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए सांसद ने कहा कि धारा 370 और 35 ए को समाप्त करना एक युगांतरकारी निर्णय था, जिसने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की कमर तोड़ दी है। एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक, एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम और स्वदेशी मिसाइल तकनीक ने पूरे विश्व में भारत की सामरिक शक्ति का लोहा मनवाया है। बस्तर के परिप्रेक्ष्य में बात रखते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र ने चार दशकों तक नक्सलवाद की भीषण पीड़ा सही है, किंतु वर्तमान सरकार के दृढ़ संकल्प और सुरक्षा बलों की वीरता के चलते अब नक्सलवाद समाप्ति की कगार पर है।
उन्होंने आह्वान किया कि स्थानीय समाज और नई पीढ़ी को शहीद गेंदसिंह, झाड़ा सिरहा और गुण्डाधुर जैसे अपने ऐतिहासिक स्वाभिमानियों और बलिदानियों के पदचिह्नों पर चलना चाहिए।
संबोधन के अंतिम चरण में सांसद कश्यप ने जेन-जी और छात्र वर्ग से विशेष अपील करते हुए कहा कि केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही संस्कार, सकारात्मक विचार और राष्ट्रीय निष्ठा अपनाना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने युवाओं को देश विरोधी ताकतों और भ्रामक दुष्प्रचार से सतर्क रहने की सलाह दी। अंत में कलाकारों की प्रभावी नाट्य प्रस्तुति की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए सांसद ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं से अपनी रचनात्मक ऊर्जा के साथ आगे आने का आह्वान किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों के साथ ही अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।