रिपोर्ट ऋषभ कुमार सम्पादक छत्तीसगढ़ पहट

स्थान: ग्राम पंचायत गुमडेल, लिटिकुड़ा पारा, भैरव मंदिर के पीछे
 संचालक: वेद पांडे
瞧 संख्या: लगभग 15 अवैध लाल ईंट भट्ठे
❌ अनुमति: खनिज विभाग, पर्यावरण विभाग, प्रशासन — किसी से नहीं

 वीडियो साक्ष्य:

नीचे दिए गए वीडियो में साफ दिख रहा है कि खेतों में मिट्टी की खुदाई से तालाबनुमा गड्ढे बन चुके हैं:

⚠️ नियमों की खुली अवहेलना

छत्तीसगढ़ शासन ने लाल ईंट निर्माण पर नियंत्रण के लिए ये अनिवार्य शर्तें लागू की हैं:

✅ खनिज विभाग से मिट्टी खनन की अनुमति

✅ पर्यावरण विभाग की स्वीकृति (एनओसी)

✅ जिला प्रशासन की स्वीकृति

लेकिन यहां:

❌ कोई अनुमति नहीं ली गई

❌ जमीन की अंधाधुंध खुदाई

❌ खेतों में जानलेवा गड्ढे

拾 खेतों की जगह तालाब! जनजीवन खतरे में

खेतों की उपजाऊ मिट्टी खोद ली गई

बच्चों और मवेशियों के गिरने का खतरा

बरसात में गड्ढों में पानी भरने से मच्छरों का आतंक

किसान अब इन खेतों में खेती नहीं कर पा रहे

 प्रशासन और विभागों से 3 सीधे सवाल

1. खनिज विभाग: क्या बिना स्वीकृति मिट्टी खनन की छूट दी गई?

2. पर्यावरण विभाग: क्या इन भट्टों का प्रदूषण मूल्यांकन किया गया?

3. जिला प्रशासन: क्या अब तक कोई जांच की गई या नोटिस जारी किया गया?

 जनता का सवाल: कब होगी कार्रवाई?

> “क्या बस्तर के ग्रामीण क्षेत्र नियमों से परे हैं? क्या प्रशासन सो रहा है या संरक्षण दे रहा है?”

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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