सात दिनों के भीतर मंगाई गई दावा आपत्ति

रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

       जगदलपुर,03 मार्च 2026/ बस्तर जिले को सामाजिक कुरीतियों से मुक्त करने की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में जिले की उन ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को ‘बाल विवाह मुक्त’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जहाँ पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत बस्तर जिले की 232 ग्राम पंचायतों और नगर पंचायत के 15 वार्डों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं, जो इन क्षेत्रों में बाल विवाह की मुक्ति की पुष्टि करते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर अब इन पंचायतों और वार्डों को आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी कर ‘बाल विवाह मुक्त’ घोषित किया जाना प्रस्तावित है।

        प्रशासन ने इस प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आम जनता और स्वयंसेवी संस्थाओं से दावा-आपत्ति आमंत्रित की है। यदि किसी भी व्यक्ति या संस्थान को प्रस्तावित सूची के संबंध में किसी प्रकार की आपत्ति हो या उनके संज्ञान में बाल विवाह का कोई प्रकरण हो, तो वे इस विज्ञप्ति के प्रकाशन से एक सप्ताह के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए इच्छुक पक्ष जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, संयुक्त जिला कार्यालय (कलेक्ट्रेट) जगदलपुर में कार्यालयीन समय पर स्वयं उपस्थित होकर या पंजीकृत डाक के माध्यम से सुसंगत दस्तावेजों सहित अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
       

              आम नागरिकों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा इन सभी 232 ग्राम पंचायतों और नगर पंचायत के 15 वार्डों की प्रस्तावित सूची को जिले की वेबसाइट www.bastar.gov.in पर भी अपलोड कर दिया गया है। प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य धरातल पर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना और बस्तर के बच्चों के लिए एक सुरक्षित एवं उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करना है।

संपादक – ऋषभ कुमार

मो.–6266449977

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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