कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई मेडिकल कॉलेज स्वशासी प्रबंधकारिणी समिति की बैठक

Report Rishabh Kumar “मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने करें पहल” – कमिश्नर डोमन सिंह जगदलपुर, 12 मार्च 2025:…

कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने हर्बल गुलाल स्टॉल का निरीक्षण कर किया उत्साहवर्धन

जगदलपुर, 12 मार्च 2025: होली के शुभ अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में माँ भवानी स्व सहायता समूह, बस्तर द्वारा हर्बल…

“चमत्कारी डिलीवरी: रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में दुर्लभ ऑपरेशन, जन्मे जुड़वां बच्चे थे आपस में जुड़े!”

रायगढ़। संत गुरु घासीदास मेडिकल कॉलेज में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया! प्रसव…

गैंगस्टर अमन साहू का एनकाउंटर: हादसे के बाद पुलिस पर हमला, झारखंड पुलिस ने किया ढेर

Exclusive News: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू का पलामू जिले में एनकाउंटर हो गया। वह कल ही छत्तीसगढ़ की…

“रंगों से रिश्ते मजबूत होते हैं, और इबादत से दिल करीब आते हैं। आइए, इस बार होली और शब-ए-बारात को मिलकर मनाएं, और एकता का संदेश पूरी दुनिया को दें!”

“रंग और रोशनी: जब होली और शब-ए-बारात एक साथ आए” जगदलपुर, 11 मार्च 2025 – इस साल 14 मार्च 2025…

शीशल कला को बस्तर अंचल के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचा रही शोभा बघेल

Report Rishabh Kumar अपनी हुनर की आय से घर-परिवार को किया खुशहाल जगदलपुर 11 मार्च 2025/ बस्तर अंचल विभिन्न शिल्प…

*बस्तर की समृद्ध लोकसंस्कृति का भव्य उत्सव: ‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ का आगाज 12 मार्च से*

रायपुर, 11 मार्च 2025/छत्तीसगढ़ की अनूठी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से ‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ का भव्य आयोजन 12 मार्च से शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप इस आयोजन के माध्यम से बस्तर संभाग की समृद्ध लोककला, रीति-रिवाज, पारंपरिक जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यह महोत्सव न केवल बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को एक मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी कला को नई पहचान और प्रोत्साहन भी देगा।

*7 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन*

‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

*बस्तर की लोककला और परंपराओं का भव्य प्रदर्शन*

इस महोत्सव में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।

*बस्तर की संस्कृति को सहेजने का सुनहरा अवसर*

‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ सिर्फ एक महोत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने तथा उन्हें वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास है। यह आयोजन बस्तर के कलाकारों के लिए सुनहरा अवसर है, जिससे वे अपनी कला और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ एक नई पहचान भी बना सकेंगे। छत्तीसगढ़ की अनमोल विरासत को जीवंत रखने का यह महोत्सव  प्रत्येक नागरिक के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहेगा।

लाला जगदलपुरी ग्रंथालय परिसर के रख-रखाव एवं स्वच्छता के लिए स्व-सहायता समूहों से आमंत्रित की गई रूचि की अभिव्यक्ति

जगदलपुर, 11 मार्च 2025 – लाला जगदलपुरी केन्द्रीय ग्रंथालय, जगदलपुर के परिसर की साफ-सफाई, रख-रखाव और बगीचा कार्य के लिए…

गरीब आदिवासी बच्चे को समय पर इलाज दिलाने में पत्रकार ऋषभ की अहम भूमिका

जगदलपुर: शहर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति का एक और मामला सामने आया, जब 7 वर्षीय निशांत, जो नेफ्रोटिक…