रिपोर्ट ऋषभ कुमार
जगदलपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित टी.एच.आर. (Take Home Ration) वितरण प्रणाली में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयों के समाधान हेतु तहसीलदार रूपेश मरकाम को एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन केन्द्रीय मंत्री अत्रपूर्णा देवी, छत्तीसगढ़ की मंत्री तक्ष्मी राजवाड़े, एवं जगदलपुर कलेक्टर के नाम प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्तमान में नवीन वर्जन के तहत टी.एच.आर. वितरण में हितग्राहियों को आधार लिंक करना अनिवार्य है, एवं ओटीपी सत्यापन के बाद ही पोषण आहार दिया जा रहा है। इस व्यवस्था के कारण कई व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं, जिससे हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य समस्याएँ एवं समाधान की मांग:
- परिवार का केवल एक ही सदस्य टी.एच.आर. प्राप्त कर सकता है, जिससे अन्य सदस्य आहार लेने से वंचित रह जाते हैं।
- कई हितग्राही ओटीपी साझा करने से मना करते हैं, जिससे वे पोषण आहार नहीं ले पा रहे हैं।
- मोबाइल न होने या एक ही मोबाइल के उपयोग में रहने की स्थिति में हितग्राही को टी.एच.आर. नहीं मिल पा रहा है।
- नेटवर्क व सर्वर की समस्याओं के कारण भी वितरण प्रभावित हो रहा है।
- कार्यकर्ताओं को दिए गए मोबाइल में पर्याप्त डेटा नहीं है, जिससे ओटीपी सत्यापन संभव नहीं हो पा रहा।
- संवेदनशील इलाकों में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध होने से पोषण आहार वितरण बाधित हो रहा है।
- कैप्चर सिस्टम एवं उपस्थिति अनिवार्यता जैसी शर्तों के कारण कार्यकर्ताओं को कठिनाइयाँ हो रही हैं।
ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें:
- टी.एच.आर. वितरण प्रक्रिया को लचीला बनाया जाए, ताकि हितग्राही सरलता से आहार प्राप्त कर सकें।
- नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
- बस्तर संभाग की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर नियमों में छूट प्रदान की जाए।
- कैप्चर प्रणाली में सुविधानुसार बदलाव किए जाएं, ताकि कार्यकर्ताओं को दिक्कत न हो।
ज्ञापन सौंपते समय महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े कार्यकर्ता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने शासन से इस विषय पर जल्द से जल्द निर्णय लेने की अपील की।