रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

18 मार्च,सुकमा (छत्तीसगढ़)/ जिले के 12 पल्ली परगना हमीरगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत पालेम में आस्था, परंपरा और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। मंगलवार को पालेम स्थित हिंगलाजिन माता एवं जलनी माता मंदिर परिसर में वार्षिक भव्य मेले का आयोजन किया गया, जो हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


         सांस्कृतिक वैभव और अटूट आस्था

मेले में सुकमा सहित आसपास के विभिन्न ग्रामों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में आदिवासी पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोक संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की।

 

   परंपरा का निर्वहन और सामाजिक सहभागिता


इस विशेष अवसर पर हमीरगढ़ परगना के मांझी-सियान, ग्राम पटेल, कोटवार और पुजारियों ने अपनी पारंपरिक भूमिका निभाई। मेले के आयोजन में स्थानीय युवा समितियों का जोश और अनुशासन सराहनीय रहा, जिन्होंने व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया

अतिथियों का स्वागत और भाईचारे का संदेश


आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और मुख्य अतिथि भी शामिल हुए, जिन्होंने आयोजन की भव्यता की सराहना की। यह मेला न केवल मनोरंजन का साधन बना, बल्कि इसने आपसी भाईचारे और सामुदायिक एकता के संदेश को भी मजबूती दी।


सामूहिक प्रयास से मिली सफलता


मेले की सफलता पर ग्राम पंचायत पालेम के निवासियों और मंदिर समिति ने खुशी जाहिर की है। समिति के सदस्यों ने कहा कि समस्त ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग और समर्पण के कारण ही इतना बड़ा आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सका।


मुख्य आकर्षण: पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज, आदिवासी नृत्य और स्थानीय व्यंजनों के साथ सजी दुकानों ने मेले की रौनक में चार चांद लगा दिए।

सम्पादक –ऋषभ कुमार

मो.–6266449977

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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