रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

पशुधन सुरक्षा एवं उपचार के लिए महा-अभियान
जगदलपुर, 11 अप्रैल 2026/ आकांक्षी जिला बस्तर और आकांक्षी विकासखण्ड तोकापाल के पशुधन को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पशुधन विकास विभाग द्वारा एक व्यापक टीकाकरण अभियान का शंखनाद किया गया है। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित इस मिशन में ‘खुरपका-मुंहपका’ रोग के नियंत्रण के लिए सातवें चरण की शुरुआत हो चुकी है, जो 15 मार्च से 30 अप्रैल तक पूरे जिले में निरंतर जारी रहेगा। इसी अभियान की गंभीरता को देखते हुए बीते 16 मार्च को जिले के सभी सात विकासखण्डों में एक विशेष महा-अभियान चलाया गया, ताकि कोई भी पशु सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। यह बीमारी एक सूक्ष्म विषाणु के संक्रमण से फैलती है जो मुख्य रूप से गाय, भैंस, बकरी और सूअर जैसे खुर वाले पशुओं को अपना शिकार बनाती है।
यदि समय रहते इसका उपचार या टीकाकरण न किया जाए, तो यह संक्रमण अत्यंत उग्र रूप ले लेता है। संक्रमित पशुओं में मुंह से चिपचिपी लार गिरना, लंगड़ापन, खुरों और मुंह में छाले पड़ना तथा दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन में अचानक कमी आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। संक्रमण की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह न केवल गर्भवती पशुओं में गर्भपात का कारण बनता है, बल्कि कई मामलों में पशुओं की मृत्यु तक हो जाती है। यह बीमारी संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने और पशुशालाओं की नियमित सफाई न होने के कारण तेजी से फैलती है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए जिले भर में 64 विशेष टीकाकरण टीमों का गठन किया है। इन टीमों में पशु चिकित्सा अधिकारियों से लेकर सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, प्राइवेट कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता, मैत्री, पशु सखी और अ हेल्प कार्यकर्ता शामिल हैं। ये समर्पित टीमें गांव-गांव और घर-घर दस्तक देकर गाय एवं भैंस वंशीय पशुओं का पूरी तरह निःशुल्क टीकाकरण कर रही हैं।
संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. देवेन्द्र कुमार नेताम ने सभी पशुपालकों से अपील में कहा है कि पशुपालक इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने पशुओं का टीकाकरण अनिवार्य रूप से करवाएं। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे टीकाकरण के लिए आने वाले दलों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि सामूहिक प्रयासों से बस्तर के पशुधन को इस जानलेवा संक्रामक रोग से पूरी तरह मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।
संपादक –ऋषभ कुमार
मो.–6266449977