रिपोर्ट–जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 13 अप्रैल 2026/ बस्तर जिला प्रशासन ने जिले में निवासरत प्रवासी मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण जनहितैषी कदम उठाया है। खाद्य शाखा द्वारा जारी किए गए ताजा आदेश के अनुसार, अब जिले के प्रवासी श्रमिकों को अपनी रसोई के लिए 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर आसानी से मिल सकेंगे। यह निर्णय शासन द्वारा प्रवासी मजदूरों की दैनिक समस्याओं को सुलझाने और उन्हें सुरक्षित ईंधन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के तहत, अब जिले की सभी गैस एजेंसियों को इन विशेष सिलेंडरों का वितरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ रखा गया है। प्रवासी मजदूरों को केवल अपनी पहचान के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड और श्रम विभाग द्वारा जारी अपना श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र संबंधित एलपीजी वितरक के पास जमा करना होगा। इन दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत ही वितरक द्वारा नया कनेक्शन या रिफिल सिलेंडर प्रदान किया जाएगा, जिससे वास्तविक लाभार्थियों तक इस योजना की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त निगरानी तंत्र भी तैयार किया है। आदेश के मुताबिक, सभी गैस वितरकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे इन 5 किलो वाले सिलेंडरों के स्टॉक, दैनिक बिक्री और शेष मात्रा का विस्तृत रिकॉर्ड एक पंजी में दर्ज करें। जिला प्रशासन की टीमें समय-समय पर इन केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी ताकि स्टॉक में किसी भी तरह की हेराफेरी न हो सके।
इसके साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इन सिलेंडरों के डायवर्जन या किसी भी प्रकार के दुरुपयोग पर सख्त नियंत्रण रखा जाएगा। यदि किसी वितरण केंद्र या व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उनके खिलाफ आकस्मिक जांच के उपरांत नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस पहल से न केवल प्रवासी मजदूरों को भोजन पकाने में सुविधा होगी, बल्कि उन्हें अवैध रिफिलिंग और असुरक्षित ईंधन के खतरों से भी मुक्ति मिलेगी।
संपादक –ऋषभ कुमार
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