रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

डीआरपीएससी की अध्ययन यात्रा में वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से हुआ सार्थक संवाद,भारत के अनुसंधान और नवाचार की उपलब्धियों को जाना
23 अगस्त 2026, जगदलपुर। विज्ञान और प्रौद्योगिकी,पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन संबंधी विभाग संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्ययन यात्रा के अंतर्गत बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने बेंगलुरु में विभिन्न महत्वपूर्ण वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वैज्ञानिकों,विशेषज्ञों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर देश में हो रहे अनुसंधान,नवाचार और तकनीकी विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

अध्ययन यात्रा के दौरान सांसद महेश कश्यप ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स,बेंगलुरु का दौरा किया तथा संस्थान के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक और संवाद किया। इस दौरान खगोल विज्ञान,वैज्ञानिक अनुसंधान तथा ऑप्टिकल साइंस के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं शोध गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। सांसद ने कहा कि देश के वैज्ञानिक संस्थानों में हो रहे उच्च स्तरीय अनुसंधान भारत की वैज्ञानिक क्षमता को नई दिशा दे रहे हैं।
इसके पश्चात नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डाटा साइंस एंड ऎआई का दौरा कर संस्थान एवं डीएसआईआर के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। बैठक में डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा उभरती तकनीकों के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

सांसद महेश कश्यप ने नेशनल ऐरोस्पेस लेबोरटोरीज का भी दौरा किया। यहां उन्होंने वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों से नागरिक विमान विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली तथा हंसा एन जी विमान के विकास एवं प्रदर्शन से संबंधित गतिविधियों को समझा। उन्होंने कहा कि भारत का विमानन एवं एयरोस्पेस क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अध्ययन यात्रा के दौरान सांसद महेश कश्यप इसरो मुख्यालय स्थित अंतरिक्ष परिसर, अंतरिक्ष भवन, बेंगलुरु पहुंचे। यहां भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन तथा वैज्ञानिकों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। सांसद ने इसरो के वैज्ञानिकों से मुलाकात कर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम,अनुसंधान,गगनयान,आदित्य-एल वन मिशन तथा भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को लेकर विस्तार से संवाद किया।
सांसद कश्यप ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा,समर्पण और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता देश के लिए प्रेरणादायी है। अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की बढ़ती उपलब्धियां पूरी दुनिया में देश की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का परिचय दे रही हैं।
बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड हल के दौरे के दौरान सांसद महेश कश्यप ने भावी पायलटों एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से संवाद किया तथा उनके प्रशिक्षण और उड़ान कौशल को करीब से जाना। उन्होंने विमानन क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें देश की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने वाली शक्ति बताया।
अध्ययन यात्रा के दौरान नागरहोल टाइगर रिजर्व में कर्नाटक सरकार,वन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों के साथ भी संवाद किया,जिसमें वन्यजीव संरक्षण,वन प्रबंधन तथा टाइगर रिजर्व से जुड़े विभिन्न मुद्दों और चुनौतियों पर जानकारी प्राप्त की गई। इसके बाद सेंट्रल फ़ूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट, मैसूर का दौरा कर खाद्य प्रौद्योगिकी एवं अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान की गतिविधियों को जाना गया।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि ऐसी अध्ययन यात्राओं का उद्देश्य देश के प्रमुख वैज्ञानिक, तकनीकी,पर्यावरणीय एवं अनुसंधान संस्थानों के कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझना और उनसे प्राप्त अनुभवों को संसदीय विमर्श में उपयोगी बनाना हैl विज्ञान,अनुसंधान,नवाचार,पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में सार्थक संवाद विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है और देश के वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थान विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।