Author: संपादक–ऋषभ कुमार

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अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई निरंतर जारी  रिपोर्ट: ओम साहू

जगदलपुर – नगर पालिका निगम जगदलपुर द्वारा शहर में लगातार अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह…

गीदम और बारसूर के जनप्रतिनिधियों ने सांसद महेश कश्यप से की मुलाक़ात, समस्याओं के निराकरण का मिला आश्वासन

रिपोर्ट: ओम साहू दंतेवाड़ा: जिले के गीदम व बारसूर क्षेत्र से जनप्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल आज बस्तर सांसद महेश कश्यप…

बाल श्रमिक रखने पर दो होटल संचालकों पर 40 हजार रुपए का जुर्माना
रिपोर्ट: ओम साहू

जगदलपुर, 29 अप्रैल 2025 — कलेक्टर हरिस एस. के निर्देश पर श्रम विभाग की कार्रवाई में दो होटलों को बाल श्रमिकों से कार्य कराने पर 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

श्रम पदाधिकारी भूपेंद्र नायक ने जानकारी दी कि निरीक्षण के दौरान मौर्य होटल चित्रकोट और मलाबार होटल जगदलपुर में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराया जा रहा था। श्रम निरीक्षक नमिता जॉन और नितेश महंत की टीम ने प्रकरण तैयार कर श्रम न्यायालय में धारा 03 के अंतर्गत प्रस्तुत किया। न्यायालय ने दोनों होटल संचालकों पर 40 हजार रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया।

श्री नायक ने बताया कि बाल श्रम के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे श्रम कानूनों का पालन करें और बच्चों से काम न कराएं।

मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी होगी 04 मई को

रिपोर्ट: ओम साहू जगदलपुर, 29 अप्रैल 2025। भारत सरकार की राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी निर्देशानुसार मेडिकल प्रवेश परीक्षा…

सपोर्ट पर्सन के इम्पैनलमेंट हेतु 01 मई तक रूचि की अभिव्यक्ति  आमंत्रित

जगदलपुर, 29 अप्रैल 2025 – लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं नियम 2020 के तहत, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुपालन में बस्तर जिले में सपोर्ट पर्सन का इम्पैनलमेंट किया जाना है। इस हेतु योग्य, अनुभवी व्यक्ति या संस्थाओं से 1 मई 2025 तक रूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है।

व्यक्तिगत आवेदन के लिए पात्रता:
समाज कार्य, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान या बाल विकास में स्नातकोत्तर अथवा बाल शिक्षा/विकास या संरक्षण के क्षेत्र में न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव एवं किसी विषय में स्नातक डिग्री आवश्यक है।

संस्थागत आवेदन के लिए पात्रता:
संस्था को बाल अधिकार अथवा संरक्षण के क्षेत्र में न्यूनतम तीन वर्षों का कार्य अनुभव होना अनिवार्य है।

इच्छुक व्यक्ति, संस्था या संगठन निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट या कोरियर के माध्यम से 01 मई 2025 तक जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जगदलपुर के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।

आवेदन प्रपत्र प्रारूप, आवश्यक दस्तावेजों की सूची, पत्राचार का पता एवं विस्तृत प्रक्रिया जिले की वेबसाइट www.bastar.gov.in तथा विभागीय सूचना पटल पर उपलब्ध है।

शासकीय काकतीय पीजी कॉलेज धरमपुरा में 01 मई को होगी व्यापमं की पीपीटी

जगदलपुर, 29 अप्रैल 2025। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा प्री-पॉलीटेक्निक टेस्ट (PPT-25) का आयोजन 01 मई 2025 को प्रातः…

बस्तर सांसद महेश कश्यप के प्रयासों से इंद्रावती नदी के प्रवाह की बहाली – ओडिशा के सांसदों और अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक

रिपोर्ट ऋषभ कुमार जगदलपुर: बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी के जल संकट और उसके मूल प्रवाह को बहाल करने के…

रायपुर में छत्तीसगढ़ शासन तेल घानी बोर्ड अध्यक्ष जितेंद्र साहू जी के शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी उपस्थिति
रिपोर्ट: ओम साहू

रायपुर, 27 अप्रैल 2025: आज रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय भवन में छत्तीसगढ़ शासन तेल घानी बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष जितेंद्र साहू जी ने शपथ ग्रहण की। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मा. मुख्यमंत्री विष्णु देवसायं जी और उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। इसके साथ ही राज्य के कई विधायक और भाजपा के प्रमुख नेता भी समारोह में मौजूद थे।

समारोह में बस्तर साहू समाज के पदाधिकारियों ने तेल घानी बोर्ड के नए अध्यक्ष जितेंद्र साहू जी को बधाई और शुभकामनाएँ दी। इस मौके पर बस्तर जिला अध्यक्ष हरि साहू, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष रोहित साहू, जगतराम साहू, उत्तम साहू और पुनीत साहू भी उपस्थित थे।

समारोह के दौरान बेमेतरा विधायक श्री डिकेश साहू जी से भी सौजन्य भेंट की गई और उन्हें बस्तर आने का निमंत्रण दिया गया।

यह शपथ ग्रहण समारोह छत्तीसगढ़ राज्य में साहू समाज की प्रगति और राजनीतिक गतिविधियों में एक और महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने मिलकर अध्यक्ष जितेंद्र साहू जी को आगे बढ़ने के लिए अपनी शुभकामनाएँ दी।

आज प्रभारी सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह बस्तर जिले के प्रवास पर विभिन्न विभागों की लेंगे समीक्षा बैठक

जगदलपुर, 27 अप्रैल 2025/ राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के सचिव एवं प्रभारी सचिव जिला बस्तर डॉ. कमलप्रीत सिंह कल 28 अप्रैल को जिले के प्रवास पर विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेंगे। प्रभारी सचिव 28 अप्रैल को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में पूर्वान्ह 11 बजे से सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण प्रगति सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, वन विभाग, लोक निर्माण, जल संसाधन, गृह, वाणिज्य एवं उद्योग,राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम, समाज कल्याण, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, ऊर्जा, उच्च शिक्षा, वाणिज्य कर पंजीयन, खेल एवं युवा कल्याण इत्यादि विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।

चरवाहे से आईपीएस अफसर बनने तक की प्रेरणादायक यात्रा: बिरेदेव सिद्धप्पा धोंडे
रिपोर्ट: ओम साहू

कोल्हापुर जिले के यमगे गांव के रहने वाले बिरेदेव सिद्धप्पा धोंडे ने अपनी कड़ी मेहनत और अडिग संकल्प के साथ आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 551वीं रैंक हासिल कर, बिरेदेव ने साबित कर दिया कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

बिरेदेव का प्रारंभिक जीवन अत्यधिक कठिनाइयों से भरा था। वह एक साधारण पारंपरिक चरवाहे परिवार से ताल्लुक रखते थे, जहां शिक्षा के लिए सुविधाएं बहुत सीमित थीं। बावजूद इसके, उन्होंने अपनी पढ़ाई में जबरदस्त मेहनत की और 10वीं कक्षा में 96% अंक प्राप्त किए। इसके बाद, पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (COEP) से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

कॉलेज के बाद, बिरेदेव ने पोस्टमैन की नौकरी भी की, लेकिन उनका सपना हमेशा सिविल सेवा में जाने का था। वह किसी कोचिंग संस्थान से मार्गदर्शन नहीं लेते थे, बल्कि अपने घर के पास खुले आकाश के नीचे भेड़-बकरियों को चराते हुए दिन-रात अपनी पढ़ाई करते थे। यही नहीं, उन्होंने तीसरे प्रयास में यूपीएससी की कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की।

जब उन्हें अपनी सफलता का पता चला, तो वह उस समय बेलगांव  में अपने मवेशियों के साथ थे। उनके परिवार और गांववालों ने इस शानदार सफलता का जश्न मनाया और बिरेदेव को पारंपरिक पीली पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। यह पगड़ी न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का प्रतीक थी, बल्कि यह उनके पूरे समुदाय की गौरवपूर्ण भावना को दर्शाती थी।

बिरेदेव की इस सफलता की कहानी न केवल चमत्कारी है, बल्कि यह यह भी दर्शाती है कि अगर किसी के पास अपने लक्ष्य के प्रति निष्ठा और धैर्य हो, तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि संघर्ष और समर्पण से किसी भी मुश्किल को आसान बनाया जा सकता है।

अब बिरेदेव का लक्ष्य सिर्फ अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने अनुभवों के आधार पर समाज की सेवा करने के लिए तैयार हैं। उनकी प्रेरणादायक यात्रा ने यह सिद्ध कर दिया है कि किसी भी कठिन परिस्थिति में अपने सपनों को साकार किया जा सकता है।